पहला अलाव – कबीला बनो
जहाँ हर सफ़र शुरू होता है
- अपने दोस्तों को सफ़र पर ले चलो, और वे दोस्तों से बढ़कर बन जाएँगे। वे तुम्हारा कबीला बन जाएँगे।
- हर किसी को उसका अपना रूप दो, और उन्हें उन ख़ज़ानों से सजाओ जो तुम्हें मिलते हैं।
- पर याद रखो: रिश्ता स्क्रीन पर नहीं बनता। बाहर निकलो, आमने-सामने मिलो, और इसे बनाए रखो।